उत्तर और पश्चिम भारत की घरेलू रीति
तुलसी विवाह · तुलसी और विष्णु का विवाह
प्रभु के जागने के बाद तुलसी के पौधे का विष्णु (शालिग्राम या कृष्ण) से घरेलू विवाह: मण्डप, दुल्हन, कन्यादान, परिक्रमा और आरती।

कब
शनिवार, 21 नवम्बर 2026
द्रिक पंचांग गुरुग्राम के लिए 21 नवम्बर 2026 (द्वादशी) देता है। अनेक परिवार तुलसी विवाह देवउठनी एकादशी को ही करते हैं, और यह कार्तिक पूर्णिमा (24 नवम्बर) तक किसी भी दिन हो सकता है। अपने परिवार का दिन मानें।
स्रोत: Drik Panchang, Tulasi Vivah 2026, location shown as Gurugram (checked 15 October 2026)
समय कैसे चुनें
विवाह प्रायः शाम को, गोधूलि बेला में होता है। कुछ लोग विवाह तक व्रत रखते हैं।
द्रिक पंचांग पर तुलसी विवाह का समय देखें ↗यह तिथि Google कैलेण्डर में जोड़ें ↗ · सभी पर्व-तिथियाँ
तुलसी विवाह कार्तिक शुक्ल पक्ष में, प्रबोधिनी एकादशी पर विष्णु के जागने के बाद होता है। अनेक परिवारों में इसी से विवाहों का मौसम आरम्भ होता है।
एक नज़र में
क्या चाहिए
आरम्भ से पहले
क्या-क्या जुटाएँ
मण्डप और दुल्हन
दूल्हा और पूजा
सुरक्षा
हवन या दीपकों को गन्ने के मण्डप, वस्त्रों और बच्चों से दूर रखें; पास में पानी रखें।
एक पर्व, अनेक परम्पराएँ
रीतियाँ बहुत भिन्न हैं। महाराष्ट्र में दूल्हा-दुल्हन के बीच अन्तरपट रखकर मंगलाष्टक गाए जाते हैं; आन्ध्र और तेलंगाना में आँवले की डाल विष्णु का रूप हो सकती है; बिहार के कुछ भागों में उत्सव तीन दिन चलता है। अनेक घरों में एक परिवार कन्या-पक्ष और दूसरा वर-पक्ष बनता है। अपने परिवार की रीति अपनाएँ।






