ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद चार वेद हैं। पारम्परिक वर्गीकरण में वैदिक साहित्य श्रुति में आता है। श्रुति एक श्रेणी है; पाँचवें वेद का नाम नहीं।
संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक और उपनिषद् वैदिक परम्पराओं से जुड़े महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ-रूप या स्तर हैं। सरल वृक्ष-चित्र शुरुआत में उपयोगी है, पर कुछ ग्रन्थ दूसरे ग्रन्थों के भीतर हैं और सीमाएँ आपस में मिलती हैं।
सावधान संस्करण में वेद-सम्बन्ध, शाखा या पाठ-परम्परा और स्रोत दर्ज होते हैं। परिचय दिशा समझाता है; पूर्ण संस्करण या स्वर-सहित पाठ की विशेषज्ञ शिक्षा का स्थान नहीं लेता।