प्रचलित उत्तर भारतीय घरेलू रीति
गोवर्धन पूजा · अन्नकूट
व्रज को आश्रय देने वाले पर्वत का सम्मान: छोटा गोवर्धन, भोजन का पर्वत, परिक्रमा और आरती।

कब
मंगलवार, 10 नवम्बर 2026
तिथि भारत (द्रिक पंचांग, गुरुग्राम) के अनुसार है। भारत से बाहर यह एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अपने नगर की तिथि देख लें।
- शुक्र 6 नव.धनतेरस
- रवि 8 नव.दीपावली · लक्ष्मी पूजन
- मंगल 10 नव.गोवर्धन पूजा
- बुध 11 नव.भाई दूज
स्रोत: Drik Panchang, Govardhan Puja 2026, location shown as Gurugram (checked 14 October 2026)
समय कैसे चुनें
2026 में तिथियों के क्रम के कारण गोवर्धन पूजा 10 नवम्बर को, लक्ष्मी-पूजन के दो दिन बाद है। अनेक परिवार पूजा सुबह या दोपहर में करते हैं; अपने नगर का मुहूर्त देखें।
द्रिक पंचांग पर अपने नगर का मुहूर्त देखें ↗यह तिथि Google कैलेण्डर में जोड़ें ↗ · सभी पर्व-तिथियाँ
गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को होती है। गुजरात में इसी दिन नववर्ष आरम्भ होता है, और महाराष्ट्र में यह बलि प्रतिपदा है।
एक नज़र में
क्या चाहिए
आरम्भ से पहले
क्या-क्या जुटाएँ
गोवर्धन के लिए
अर्पण
पुस्तक
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पुस्तक देखेंसुरक्षा
गोबर या मिट्टी के गोवर्धन को भोजन से अलग रखें। व्यंजन पर्वत के सामने साफ़ पात्रों में अर्पित करें, पर्वत पर नहीं। पर्वत बनाने के बाद और भोजन या प्रसाद छूने से पहले साबुन और पानी से हाथ धोएँ; बच्चों की मदद कोई बड़ा करे।
एक पर्व, अनेक परम्पराएँ
व्रज और उत्तर भारत के बड़े भाग में परिवार छोटा गोवर्धन पर्वत बनाते हैं — गाँवों में परम्परा से गोबर का, और आज अनेक घरों में भोजन, मिट्टी या आटे का — और उसे अनेक प्रकार के व्यंजन अर्पित करते हैं (अन्नकूट)। गायों का सम्मान होता है और अनेक मन्दिरों में बड़ा अन्नकूट लगता है। अपने परिवार की रीति अपनाएँ।







