सामवेद चार वेदों में एक है और सामगान की परम्पराओं से जुड़ा है। लिखित पाठ और गायन सम्बन्धित हैं, पर साधारण पृष्ठ पूरा अभ्यास नहीं समेटता।
भिन्न परम्पराएँ अपना पाठ-संचरण सुरक्षित रखती हैं। वैदिक हेरिटेज पोर्टल कौथुम, जैमिनीय और राणायनीय परम्पराएँ अलग पहचानता है।
प्रारम्भ में नामित पाठ और उसकी परम्परा जानें। भावी श्रव्य संस्करण में उचित स्रोत की रिकॉर्डिंग और जानकार उच्चारण-समीक्षा चाहिए। इस परिचय में ऑडियो-प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।