ब्राह्मण ग्रन्थ विशेष वैदिक परम्पराओं से जुड़े हैं। इनमें अनुष्ठान, उनका महत्त्व, आख्यान और अर्थ-व्याख्या मिलते हैं।
इन सभी को आधुनिक घरेलू पूजा की संक्षिप्त विधि मानना उचित नहीं। किसी ग्रन्थ को समझने के लिए उसका सम्बन्ध, संस्करण और ऐतिहासिक या पारम्परिक सन्दर्भ चाहिए।
यहाँ पहला कदम परिचय है: नामित ग्रन्थ क्या है और वैदिक परिवार में कहाँ आता है।