उपनिषद् वैदिक परम्पराओं से जुड़े दार्शनिक और चिन्तनपरक ग्रन्थ हैं। कुछ बड़े वैदिक ग्रन्थों का भाग हैं; अलग दार्शनिक परम्पराएँ उन्हें अलग ढंग से समझती हैं।
सरल अध्ययन-संस्करण में मूल अंश, उसका अनुवाद और नामित भाष्य का अन्तर स्पष्ट होना चाहिए। प्रारम्भिक व्याख्या सहायक है; यह दावा नहीं कि सभी विचार-परम्पराएँ हर अर्थ पर सहमत हैं।
प्रस्तावित पाठ-यात्रा मानचित्र और शब्दावली से शुरू होकर समीक्षित चयन और पूर्ण संस्करणों तक जाएगी। संस्कृत शब्द स्वाभाविक हिन्दी और अंग्रेज़ी विवरण के साथ दिखाई देंगे।