प्रचलित उत्तर भारतीय घरेलू रीति
धनतेरस · स्वास्थ्य, दीप और शुभारम्भ
दीपावली का पहला दिन: धन्वन्तरि का स्मरण, द्वार पर यम का दीप, और घर में कुछ नया लाना।

कब
शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026
तिथि भारत (द्रिक पंचांग, गुरुग्राम) के अनुसार है। भारत से बाहर यह एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अपने नगर की तिथि देख लें।
- शुक्र 6 नव.धनतेरस
- रवि 8 नव.दीपावली · लक्ष्मी पूजन
- मंगल 10 नव.गोवर्धन पूजा
- बुध 11 नव.भाई दूज
स्रोत: Drik Panchang, Dhanteras 2026, location shown as Gurugram (checked 14 October 2026)
समय कैसे चुनें
धनतेरस का पूजन और यम-दीप प्रायः शाम को सूर्यास्त के बाद (प्रदोष काल में) किए जाते हैं। समय हर नगर में अलग होता है; अपने नगर के लिए एक विश्वसनीय पंचांग देखें।
द्रिक पंचांग पर अपने नगर का धनतेरस-समय देखें ↗यह तिथि Google कैलेण्डर में जोड़ें ↗ · सभी पर्व-तिथियाँ
पूर्णिमान्त पंचांग में धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी है, दीपावली की अमावस्या से दो दिन पहले।
एक नज़र में
क्या चाहिए
आरम्भ से पहले
क्या-क्या जुटाएँ
पूजा के लिए
यम-दीप
कुछ नया
पुस्तक
दीपोत्सव: धनतेरस से भाई दूज तक, घर की चारों पूजाएँ
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पुस्तक देखेंपुस्तक
धनतेरस पूजा: धन्वन्तरि-पूजन, यम का दीप और नई ख़रीद
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पुस्तक देखेंसुरक्षा
दीयों को गर्मी सहने वाली थालियों पर, परदों, साड़ी और दुपट्टे से दूर रखें, और जलते दीपक को कभी बिना देखरेख के न छोड़ें, विशेषकर जहाँ बच्चे या पालतू पशु पहुँच सकें।
एक पर्व, अनेक परम्पराएँ
अनेक परिवार धनतेरस पर देवताओं के वैद्य धन्वन्तरि का स्मरण करते हैं; कुछ लक्ष्मी और कुबेर का पूजन करते हैं, या रक्षा के लिए द्वार पर यम का दीप जलाते हैं। धातु के बर्तन, चाँदी या नई झाड़ू ख़रीदना व्यापक रीति है। परिवार इन्हें अलग-अलग ढंग से मिलाते हैं; अपनी रीति अपनाएँ।







