॥ श्री गणेशाय नमः ॥English
कथाविधिKathaVidhi

प्रचलित उत्तर भारतीय घरेलू रीति

करवा चौथ · व्रत, पूजन और चन्द्रोदय

भोर की सरगी से चन्द्रोदय के अर्घ्य तक का साथी: क्या तैयार करें, गौरी-पूजन, कथा, और हर पाठ अपने अर्थ के साथ।

करवा चौथ · व्रत, पूजन और चन्द्रोदय

कब

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

तिथि भारत (द्रिक पंचांग, गुरुग्राम) के अनुसार है। भारत से बाहर यह एक दिन आगे-पीछे हो सकती है। चन्द्रोदय का समय हर नगर में कई मिनट अलग होता है, इसलिए उस दिन अपने नगर का समय देख लें।

  1. गुरु 29 अक्टू.करवा चौथ · इसी दिन वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी
  2. रवि 1 नव.अहोई अष्टमी

स्रोत: Drik Panchang, Karwa Chauth 2026, location shown as Gurugram (checked 14 October 2026)

समय कैसे चुनें

व्रत सूर्योदय से पहले से चन्द्रोदय तक चलता है। सन्ध्या-पूजन प्रायः सूर्यास्त के बाद और चन्द्रोदय से पहले होता है, अक्सर परिवार या पड़ोस की अन्य स्त्रियों के साथ। चन्द्रोदय का समय हर नगर में अलग होता है, इसलिए अपने नगर के लिए एक विश्वसनीय पंचांग देखें।

द्रिक पंचांग पर अपने नगर का चन्द्रोदय देखें ↗

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उत्तर भारत के पूर्णिमान्त पंचांग में करवा चौथ कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को पड़ती है; अमान्त पंचांग में यही दिन आश्विन मास में आता है।

एक नज़र में

क्या चाहिए

करवा चौथ का चित्रKarva Chauth picture
करवाKarva pots
लोटा और आचमनीLota and spoon
रोली, हल्दी, अक्षत, मौलीRoli, haldi, akshat, mauli
फूल और मालाFlowers and garland
मिठाई और फलSweets and fruit
छलनी और दीपकSieve and lamp
उपहारGift
सरगीSargi

आरम्भ से पहले

क्या-क्या जुटाएँ

पूजा के लिए

पूजा की थाली

सूर्योदय से पहले

कैसे सजाएँ

पूजा-स्थान, चिह्नित

सजे हुए पूजा-स्थान का चित्र1234567
  1. करवा चौथ का चित्र Karva Chauth picture
  2. करवा Karva pots
  3. फूल और माला Flowers and garland
  4. लोटा और आचमनी Lota and spoon
  5. मिठाई और फल Sweets and fruit
  6. रोली, हल्दी, अक्षत, मौली Roli, haldi, akshat, mauli
  7. छलनी और दीपक Sieve and lamp

एक प्रचलित व्यवस्था; परिवारों में रीति अलग होती है। अपने परिवार की रीति अपनाएँ।

सुरक्षा

बिना जल का व्रत कठिन होता है। गर्भवती, स्तनपान कराने वाली, अस्वस्थ, मधुमेह से पीड़ित, नियमित दवा लेने वाले या वृद्ध व्यक्ति डॉक्टर से बात करें और जल या फल के साथ हल्का व्रत रखें; अनेक परिवार इसे परम्परा का ही अंग मानते हैं। दीपक को साड़ी और दुपट्टे से दूर रखें।

एक दृष्टि में

8 चरण

संक्षिप्त रूप में मुख्य चरण हैं। सम्पूर्ण रूप में संस्कृत संकल्प और गौरी-प्रार्थना भी है।

साथी खोलें →
  1. सूर्योदय से पहले: सरगी और संकल्प
  2. दिन भर
  3. सन्ध्या-पूजन की तैयारी
  4. गौरी और शिव-परिवार का पूजन
  5. करवा चौथ की कथा सुनें
  6. करवा भेंट करें
  7. चन्द्रोदय पर: चन्द्रमा को अर्घ्य
  8. व्रत खोलें

एक पर्व, अनेक परम्पराएँ

करवा चौथ मुख्यतः उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में और विदेशों में अनेक परिवारों में मनाई जाती है। परम्परा से विवाहित स्त्रियाँ पति और परिवार की दीर्घायु व कल्याण के लिए व्रत रखती हैं; आज अनेक घरों में पति भी व्रत रखते हैं और कुछ अविवाहित युवतियाँ भी। सरगी, करवा बदलना, थाली घुमाते समय गाए जाने वाले गीत और पूजा का ठीक रूप क्षेत्र और परिवार के अनुसार बदलता है। अपने परिवार की रीति अपनाएँ।