॥ श्री गणेशाय नमः ॥English
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प्रचलित उत्तर भारतीय घरेलू रीति · मंगलवार, 10 नवम्बर 2026

गोवर्धन पूजा · अन्नकूट

क्या जुटाएँ

  • ☐ छोटा पर्वत बनाने की सामग्री: गोबर, मिट्टी, आटा या भोजन — जैसी परिवार की रीति हो
  • ☐ सजाने के लिए फूल, छोटी टहनियाँ और घास
  • ☐ श्रीकृष्ण का चित्र
  • ☐ रोली, अक्षत, दूध, घी का दीपक और धूप
  • ☐ अन्नकूट के लिए घर के बने कई व्यंजन
  • ☐ गायों के लिए भोजन या चारा, यदि उनके पास जा सकें

चरण

  1. छोटा गोवर्धन बनाएँ. स्वच्छ स्थान पर परिवार की रीति से छोटा पर्वत बनाएँ, फूल, टहनियों और घास से सजाएँ, और पास में श्रीकृष्ण का चित्र रखें।
  2. पूजन करें. दीपक और धूप जलाएँ। गोवर्धन और श्रीकृष्ण को रोली, अक्षत, दूध, फूल और जल अर्पित करें।
  3. अन्नकूट अर्पित करें. परिवार द्वारा बनाए व्यंजन गोवर्धन के सामने “भोजन के पर्वत” के रूप में सजाकर अर्पित करें।
  4. गोवर्धन की परिक्रमा. साथ मिलकर पर्वत की परिक्रमा करें, प्रायः सात बार, जल या दीपक लेकर और गाते हुए।
  5. गोवर्धन आरती गाएँ. परिवार के आरती गाते समय गोवर्धन और श्रीकृष्ण के सामने दीपक घुमाएँ।
  6. गायों का सम्मान और प्रसाद-वितरण. हो सके तो गायों को भोजन या चारा दें। अन्नकूट को प्रसाद के रूप में परिवार, पड़ोसियों और ज़रूरतमन्दों के साथ बाँटें।

श्री गोवर्धन महाराज की आरती

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।

Shri Govardhan Maharaj, o Maharaj,
Tere mathe mukut viraj raheo.

तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार।

Tope paan chadhe tope phool chadhe,
Tope chadhe doodh ki dhar.

तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम।

Teri saat kos ki parikamma,
Chakleshvar hai vishram.

तेरे गले में कण्ठा साज रहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल।

Tere gale mein kantha saj raheo,
Thodi pe heera lal.

तेरे कानन कुण्डल चमक रहेओ,
तेरी झाँकी बनी विशाल।

Tere kanan kundal chamak raheo,
Teri jhanki bani vishal.

गिरिराज धरण प्रभु तेरी शरण,
करो भक्त का बेड़ा पार।

Giriraj dharan prabhu teri sharan,
Karo bhakt ka beda paar.

KathaVidhi · अर्थ ऑनलाइन साथी में हैं। · CC BY-SA 4.0