॥ श्री गणेशाय नमः ॥English
कथाविधिKathaVidhi

वैदिक ग्रन्थ-रूप

संहिताएँ

स्तुतियों, मन्त्रों और अनुष्ठान-प्रयोगों के संग्रह; प्रत्येक वेद में रूप भिन्न हैं।

संहिता का अर्थ संग्रह है। वैदिक परम्पराओं में इन संग्रहों की स्तुतियाँ, मन्त्र, गान और अनुष्ठान-वाक्य अलग-अलग प्रकार से व्यवस्थित हैं।

ऋग्वेद मण्डलों और सूक्तों में व्यवस्थित है। सामवेद का गान-परम्पराओं से निकट सम्बन्ध है। यजुर्वेद और अथर्ववेद की संहिताओं के अपने पाठ-रूप और शाखाएँ हैं; छोटा-सा एक वर्णन उनकी सारी सामग्री नहीं समझाता।

प्रस्तावित पुस्तकालय प्रारम्भिक परिचयों को नामित संस्करणों से जोड़ेगा। मूल पाठ, अनुवाद और व्याख्या अलग स्तर होंगे।

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