केले वाला सूजी का शीरा (हलवा)
घी में भुनी सूजी को दूध, शक्कर और केले के साथ पकाकर बना शीरा अनेक परिवारों में सत्यनारायण कथा का प्रसाद है।
इनमें उपयोग: पूर्णिमा · सत्यनारायण कथा
प्रसाद रसोई · पूर्णिमा · सत्यनारायण कथा
केले वाला सूजी का शीरा (हलवा)
मात्रा: 6 छोटी कटोरी · समय: लगभग 25 मिनट
सामग्री
- ☐ ½ कप बारीक सूजी (रवा)
- ☐ ⅓ कप घी
- ☐ ½ कप शक्कर
- ☐ 1½ कप दूध, या आधा दूध आधा पानी
- ☐ 1 पका केला, कटा हुआ
- ☐ ¼ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- ☐ कुछ काजू और किशमिश
विधि
- एक बर्तन में दूध गरम करके गरम ही रखें।
- भारी कड़ाही में घी पिघलाएँ। काजू-किशमिश हल्का भूनकर अलग रखें।
- सूजी को घी में धीमी आँच पर चलाते हुए 8 से 10 मिनट भूनें, जब तक सुगन्ध न आए और रंग हल्का सुनहरा न हो।
- गरम दूध धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गाँठें न पड़ें।
- जब सूजी दूध सोख ले, तो शक्कर और केला डालें और तब तक चलाएँ जब तक शीरा कड़ाही छोड़ने न लगे।
- इलायची और भुने मेवे मिलाएँ। अर्पित किए जाने वाले भाग पर तुलसी का एक पत्ता रखें।
काम की बातें
- धीरे भूनना ही रहस्य है: जल्दबाज़ी में भुनी सूजी कच्ची लगती है।
ध्यान दें: भुनी सूजी में गरम दूध डालते ही छींटे उड़ते हैं। धीरे डालें और बच्चों को दूर रखें।
KathaVidhi · मात्राएँ आरम्भ-बिन्दु हैं; अनुपात परिवारों और क्षेत्रों में अलग होते हैं, अपनी रीति अपनाएँ।