॥ श्री गणेशाय नमः ॥English
कथाविधिKathaVidhi

आयु 5–9 · अपनों के लिए समय निकालना

यमुना का निमन्त्रण

यमुना का निमन्त्रण

भाई दूज की लोक-परम्परा · मौलिक पुनर्कथन

नदी-देवी यमुना के भाई यम थे। यम के पास बहुत काम रहता था, और उन्हें अपनी बहन से मिले बहुत समय बीत गया था।

यमुना हर वर्ष उन्हें निमन्त्रण भेजतीं, “मेरे घर भोजन करने आओ।” और हर वर्ष यम उत्तर देते, “अगली बार, पक्का।”

एक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या के बाद की द्वितीया को यम ने अपना काम एक ओर रखा और चल पड़े। उन्हें द्वार पर देखकर यमुना का चेहरा खिल उठा।

उन्होंने भाई के माथे पर तिलक लगाया, उनका प्रिय भोजन बनाया, और दोनों पूरी दोपहर बातें करते और हँसते रहे।

विदा होते समय यम ने पूछा, “मैं तुम्हें क्या उपहार दूँ?” यमुना मुस्कुराईं, “बस इतना — हर वर्ष आना, और इस दिन हर भाई-बहन एक-दूसरे के लिए समय निकालें।”

इसीलिए परिवार कहते हैं कि भाई दूज पर भाई-बहन यम और यमुना को याद करते हैं। तिलक छोटा-सा होता है, पर साथ बिताया समय ही असली उपहार है।

मिलकर चर्चा करें

आप क्या करेंगे?

  • यम बहुत व्यस्त थे। आपको क्या लगता है, अन्त में उन्होंने मिलने का समय क्यों निकाला?
  • आप किसके साथ और समय बिताना चाहेंगे? इस सप्ताह आप साथ मिलकर क्या कर सकते हैं?

छोटी गतिविधि

भाई दूज के लिए

किसी भाई, बहन या चचेरे-ममेरे भाई-बहन के लिए एक छोटा कार्ड बनाएँ और उस पर एक बात लिखें जो आपको साथ करना अच्छा लगता है।