॥ श्री गणेशाय नमः ॥English
कथाविधिKathaVidhi

दैनिक श्लोक

एक श्लोक। साथ ले जाने को एक बात।

हर दिन इस साइट की प्रार्थनाओं और पाठों से एक श्लोक, उसके अर्थ और दिन ढलने से पहले करने योग्य एक छोटी-सी बात के साथ। मंगलवार और शनिवार को श्लोक हनुमान चालीसा से होता है।

आज का श्लोक · मंगलवार, 3 नवम्बर

श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 1

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

ज्ञान और सद्गुणों के सागर हनुमान की जय हो। तीनों लोकों में प्रसिद्ध वानरों के स्वामी की जय हो।

आज साथ ले जाएँ

आज कोई ज्ञानवर्धक एक पन्ना पढ़ें और रात के भोजन पर उसकी एक पंक्ति सबको सुनाएँ।

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इस सप्ताह आगे

  • बुधवार, 4 नवम्बर भोजन से पहले · ब्रह्मार्पणम् (गीता 4.24)
  • गुरुवार, 5 नवम्बर भोजन से पहले · अन्नपूर्णे सदापूर्णे
  • शुक्रवार, 6 नवम्बर आरती · ॐ जय जगदीश हरे · अन्तरा 2
  • शनिवार, 7 नवम्बर श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 2
  • रविवार, 8 नवम्बर दीप-ज्योति प्रार्थना
  • सोमवार, 9 नवम्बर विष्णु-ध्यान · शान्ताकारम्
सभी 48 श्लोक

दैनिक प्रार्थनाएँ और आरतियाँ

  1. जागने पर · कराग्रे वसते लक्ष्मीः

    कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।…

    कल सुबह फ़ोन उठाने से पहले अपनी खुली हथेलियों को देखें और यह श्लोक एक बार बोलें।

  2. असतो मा सद्गमय

    असतो मा सद्गमय।…

    कोई एक बात पहचानें जिससे आप बचते रहे हैं, और आज उसकी ओर एक छोटा, सच्चा कदम उठाएँ।

  3. सबके लिए प्रार्थना · सर्वे भवन्तु सुखिनः

    ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।…

    किसी ऐसे व्यक्ति को याद करें जो बीमार या चिन्तित है, और आज उन्हें बस हाल पूछने के लिए संदेश भेजें।

  4. त्वमेव माता

    त्वमेव माता च पिता त्वमेव…

    आज रात सोने से पहले आँखें बन्द करके यह श्लोक बोलें, और एक क्षण के लिए अधूरे कामों की चिन्ता छोड़ दें।

  5. धरती पर पैर रखने से पहले · समुद्रवसने देवि

    समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले।…

    आज रास्ते का कोई एक कूड़ा उठाएँ जिसे आप सामान्यतः छोड़कर आगे बढ़ जाते: धरती माँ को एक छोटा-सा धन्यवाद।

  6. गणेश-स्मरण (वक्रतुण्ड)

    वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ।…

    आज का सबसे ज़रूरी काम शुरू करने से पहले रुकें, यह श्लोक एक बार बोलें, और फिर बिना टाले शुरू करें।

  7. अध्ययन से पहले · सह नाववतु

    ॐ सह नाववतु।…

    आज किसी के साथ बैठकर पढ़ें या काम करें, और कोई मनमुटाव हो तो दिन ढलने से पहले उसे छोड़ दें।

  8. भोजन से पहले · ब्रह्मार्पणम् (गीता 4.24)

    ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम्।…

    आज एक भोजन से पहले यह श्लोक बोलें, और वह भोजन बिना स्क्रीन के, हर कौर का स्वाद लेते हुए करें।

  9. भोजन से पहले · अन्नपूर्णे सदापूर्णे

    माता च पार्वती देवी पिता देवो महेश्वरः।…

    आज अपने दायरे से बाहर किसी से स्नेह से पेश आएँ: किसी अजनबी, कम बोलने वाले पड़ोसी, या रोज़ दिखने वाले किसी कामगार से।

  10. आरती · ॐ जय जगदीश हरे · अन्तरा 2

    मात पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।…

    आज अपनी माँ या पिता को, या जिसने आपको माता-पिता जैसा स्नेह दिया हो, फ़ोन करें और किसी एक बात के लिए धन्यवाद दें।

  11. दीप-ज्योति प्रार्थना

    शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसम्पदा।…

    आज साँझ को एक दीपक जलाएँ, चाहे छोटा ही सही, और एक मिनट उसके पास शान्त बैठें।

  12. विष्णु-ध्यान · शान्ताकारम्

    शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं…

    आज कोई बात खटके, तो इस श्लोक में वर्णित शान्त स्वरूप का ध्यान करें और उत्तर देने से पहले तीन धीमी साँसें लें।

  13. अध्ययन से पहले · सरस्वति नमस्तुभ्यम्

    सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।…

    आज कुछ नया सीखें, चाहे छोटा ही सही, और शाम को घर में किसी को सिखाएँ।

  14. आरती · ॐ जय जगदीश हरे · अन्तरा 4

    तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।…

    आज घर का कोई ऐसा काम बिना कहे कर दें जो आमतौर पर कोई और करता है।

  15. महामृत्युञ्जय मन्त्र

    त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।…

    किसी बीमार या शोक में डूबे व्यक्ति को मन में रखकर उनके लिए यह मन्त्र एक बार बोलें, और हो सके तो मिलने जाएँ या फ़ोन करें।

  16. क्षमा-प्रार्थना

    आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।…

    पूजा में कोई चरण छूट जाए तो चिन्ता न करें। अन्त में यह श्लोक बोलें और जो किया, पूरे मन से अर्पित करें।

  17. भोजन से पहले · अन्नपूर्णे सदापूर्णे

    अन्नपूर्णे सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे।…

    आज खाना बनाने या परोसने से पहले यह श्लोक बोलें, और ध्यान रखें कि उस भोजन में अन्न व्यर्थ न जाए।

  18. आरती · ॐ जय जगदीश हरे · अन्तरा 7

    विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।…

    आज केवल एक दिन के लिए कोई छोटी आदत छोड़ें (मीठा, बेवजह स्क्रॉल करना, कोई पुरानी शिकायत), और वह समय किसी की सहायता में लगाएँ।

  19. गायत्री मन्त्र

    ॐ भूर्भुवः स्वः।…

    सुबह की रोशनी की ओर मुख करके एक मिनट बैठें और आज के काम के लिए निर्मल बुद्धि की कामना करें।

  20. आरती · ॐ जय जगदीश हरे · अन्तरा 6

    दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम रक्षक मेरे।…

    आज किसी ऐसे व्यक्ति की सहायता करें जो बदले में कुछ नहीं लौटा सकता।

  21. क्षमा-प्रार्थना

    मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि।…

    कोई एक काम जो आपने अधूरा छोड़ा था, आज पूरा करें।

  22. आरती · ॐ जय जगदीश हरे · अन्तरा 3

    तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।…

    आज जो भी आपकी सेवा करें (गार्ड, ड्राइवर, सफ़ाईकर्मी), उन्हें सच्चे आदर से नमस्कार करें, यह मानकर कि उनमें भी ईश्वर का वास है।

  23. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

    ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥…

    आज जब भी प्रतीक्षा करनी पड़े (कतार में, जाम में, किसी पेज के खुलने तक), यह मन्त्र मन में दोहराएँ।

  24. आरती · ॐ जय जगदीश हरे · अन्तरा 5

    तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।…

    घर के किसी बड़े से किसी ऐसी प्रार्थना या रीति के बारे में पूछें जिसे आप बिना कारण जाने निभाते आए हैं।

हनुमान चालीसा, मंगलवार और शनिवार

  1. श्री हनुमान चालीसा · आरम्भिक दोहा 1

    श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।…

    आज किसी गुरु या शिक्षक को (विद्यालय, काम या जीवन के) संदेश या फ़ोन से धन्यवाद दें।

  2. श्री हनुमान चालीसा · आरम्भिक दोहा 2

    बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवनकुमार।…

    कोई एक बात पहचानें जो आपको कठिन लगती है, और आज उसके लिए सहायता माँगें, किसी व्यक्ति से या प्रार्थना में।

  3. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 1

    जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।…

    आज कोई ज्ञानवर्धक एक पन्ना पढ़ें और रात के भोजन पर उसकी एक पंक्ति सबको सुनाएँ।

  4. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 2

    राम दूत अतुलित बल धामा।…

    आज कोई एक संदेश ईमानदारी से पहुँचाएँ: ठीक-ठीक, स्नेह से और समय पर।

  5. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 3

    महाबीर बिक्रम बजरंगी।…

    आज किसी के बारे में बुरा विचार आए, तो उसकी जगह उनकी कोई एक अच्छी बात याद करें।

  6. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 7

    विद्यावान गुनी अति चातुर।…

    आज का काम सेवा मानकर करें: उत्साह से शुरू करें और अच्छे से पूरा करें।

  7. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 8

    प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।…

    आज किसी बच्चे को अपने शब्दों में रामायण का कोई एक प्रसंग सुनाएँ।

  8. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 9

    सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।…

    जहाँ कोमलता चाहिए वहाँ कोमल रहें, जहाँ दृढ़ता चाहिए वहाँ दृढ़: आज दोनों का एक-एक अवसर पहचानें।

  9. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 12

    रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।…

    आज किसी भाई, बहन या चचेरे-ममेरे भाई-बहन को बस बात करने के लिए फ़ोन करें।

  10. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 16

    तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।…

    आज दो ऐसे लोगों का परिचय कराएँ जो एक-दूसरे के काम आ सकते हैं।

  11. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 17

    तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।…

    आज कोई एक सच्ची और स्नेह भरी सलाह दें, या किसी की सलाह मान लें।

  12. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 19

    प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।…

    कोई ऐसा काम हाथ में लें जो बहुत बड़ा लगता है, और आज उसका पहला हिस्सा कर डालें।

  13. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 20

    दुर्गम काज जगत के जेते।…

    आज किसी कठिन काम से पहले एक क्षण हनुमान जी का स्मरण करें, फिर शुरू करें।

  14. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 21

    राम दुआरे तुम रखवारे।…

    आज अपने दिन का एक घंटा किसी ज़रूरी काम के लिए सुरक्षित रखें: न फ़ोन, न व्यवधान।

  15. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 22

    सब सुख लहै तुम्हारी सरना।…

    इस सप्ताह जो डर आपके साथ रहा है उसे पहचानें, और जब वह फिर लौटे तो यह चौपाई बोलें।

  16. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 26

    संकट तें हनुमान छुड़ावै।…

    आज अपनी कथनी और करनी एक रखें: कोई एक काम कर दें जिसके लिए आपने हाँ कहा था।

  17. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 27

    सब पर राम तपस्वी राजा।…

    एक दिन सादगी से जिएँ: एक ख़रीदारी कम, एक व्यंजन कम, एक शिकायत कम।

  18. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 30

    साधु संत के तुम रखवारे।…

    आज किसी के साथ हो रहे अन्याय पर विनम्रता से आवाज़ उठाएँ।

  19. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 31

    अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।…

    आज रात सोने से पहले अपने जीवन के तीन वरदान गिनें।

  20. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 32

    राम रसायन तुम्हरे पासा।…

    आज हर नया काम शुरू करते समय धीरे से राम नाम लें।

  21. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 36

    संकट कटै मिटै सब पीरा।…

    आज जब अटकें, तो खड़े हों, गहरी साँस लें, और हनुमान जी के बल का स्मरण करके फिर प्रयास करें।

  22. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 37

    जै जै जै हनुमान गोसाईं।…

    आज किसी छोटे की, किसी ऐसी बात में जो आप अच्छी तरह जानते हैं, धैर्य से सहायता करें।

  23. श्री हनुमान चालीसा · चौपाई 40

    तुलसीदास सदा हरि चेरा।…

    आज कुछ शान्त मिनट केवल प्रार्थना के लिए रखें, बिना कुछ माँगे।

  24. श्री हनुमान चालीसा · समापन दोहा

    पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।…

    आज पूरी हनुमान चालीसा पढ़ें, अकेले या परिवार के साथ।